Monday, January 18, 2010

पर्स / अमरजीत कौंके



जादू की पिटारी लगता है
मुझे पर्स उसका
जिस में से अचानक
निकल आता है सब कुछ
जरुरत के मुताबिक

बरसात के दिनों में छतरी
भूख से समय रोटी का डिब्बा
लिपस्टिक, बिन्दिओं के पत्ते
बस की पुरानी टिकटें
बच्चे की फीस की रसीद
कितना कुछ छिपा पड़ा है
उसके पर्स में

कितना कुछ है
उस के पर्स में
कितने टूटे हुए स्वप्न
कितने अधूरे ख्वाब
कितनी दबी हुई ख्वाहिशें
एक बेचैन कवि की
कविताओं की किताब

लगता है मुझे
क़ि किसी दिन सहज ही
अपने पर्स से
निकाल लेगी वह
चाँद, सूरज और सितारे
दरिया, नदिया
और समुन्दर खारे

लगती है बात
चाहे यह असंभव सी
लेकिन अपने पर्स के भीतर से
एक दिन निकाल लेगी
वह सारा कुछ.........

14 comments:

ओम आर्य said...

दरअसल वे चीजें नहीं, बल्कि मातृत्व है कभी और कभी पत्नीत्व...इसलिए इतना सारा कुछ है वहां

indu puri said...

purse is not only a part of lady's pesonality..nessecity,It have dreams,past n her family's future in it . IT gives her nice company when she go alone as a good friend.she feels confident with it,it is song of her life.
no daubt you write good poems.
congrates

shama said...

Antarmukh bana diya aapki rachana ne!

shelly chandigarh said...

bahut sundar kavita....purse ko kavita ka subject bnana aur itni khubsurti se usme kalatmakta paida karna sch me ap jaise kavi ka kaam hai.....

अनामिका की सदाये...... said...

areyyyyyyyyyyyy kahi.n mera pars to nahi dekh liya aapne....bach k rehna padega...

bahut acchhe se bayaan kiya hai pars ke ander chhupa har samaan aur ehsaas.

Baljeet Pal Singh said...

ਇਹ ਕਵਿਤਾ ਜਾਂ ਬਿਲਕੁਲ ਏਸੇ ਵਰਗੀ ਪਹਿਲਾਂ ਪੰਜਾਬੀ ਵਿਚ ਵੀ ਪੜ੍ਹੀ ਹੈ। ਸੋਹਣੀ ਹੈ।ਕੋਮਲ ਜਿਹੇ ਅਹਿਸਾਸਾਂ ਵਰਗੀ।ਭਾਜੀ ਤੁਸੀਂ ਮੇਰੇ ਬਲਾਗ www.baljeetpalsingh.blogspot.com ਤੇ ਨਿਗ੍ਹਾ ਮਾਰ ਕੇ ਕੁਝ ਰਾਇ ਮਸ਼ਵਰਾ ਜਰੁਰ ਦਿਉ।ਧੰਨਵਾਦੀ ਹੋਵਾਂਗਾ।

निर्मला कपिला said...

बहुत सुन्दर रचना है । इन्दु जी ने सही कहा है शुभकामनायें

Ruchira said...

sundar, :)
roz marra ki baat mein arth dhoondh nikala hai aapne..
shubhkaamnaein,
ek baar aap mere blog par tashreef laaye the , tippani ke liye shukriya..

Priya said...

Wow...interesting ....ek purse mein aatma daal di aapne ...ye nazariya bha gaya ....congrates!

varsha said...

purse kya poori duniya hai yah to..achcha laga padhkar.

savita said...

u write mind blowing.live long.

वन्दना अवस्थी दुबे said...

होली की बहुत-बहुत शुभकामनायें.

Reetika said...

adhbhut jod !!

hersimran kaur said...

The presentation is marvelous All the pictures depict a deep meaning and very eye-catching.