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एक तितली उड़ती उड़ती आई और आ कर एक पत्थर पर बैठ गई पत्थर अचानक खिल उठा और फूल बन गया......... 098142 31698
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अक्सर आती मेरे पास नदी एक साँवली सी हम खामोश एक दुसरे की आँखों में देखते अनगिनत बातें करते अनगिनत अहद हम हँसते तो हवाओं में किसी के चिंघाड...
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ख़ुशी / अमरजीत कौंके तुम खुश होती हो मेरा गरूर टूटता देख कर मुझे हारता हुआ देख तुम्हें अत्यंत ख़ुशी होती है मैं खुश होता हूँ तुम्हें खुश देख...
